अस्थमा (दमा) में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Updated: Sep 26



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इस लेख का मूल अंग्रेजी संस्करण को लिखने के लिए में डॉ. वेंकटेश चंद्रशेखरन, (एसोसिएट प्रोफेसर, बाल चिकित्सा, जीपमर, पांडिचेरी , भारत) का धन्यवाद करता हूं।

अस्थमा क्या होता है?

अस्थमा फेफड़ों का रोग है जिसमें मरीज को सांस लेने में कठिनाई और सूखा खांसी होती है, जो आमतौर पर आधी रात या सुबह के समय देखा जाता है, और कुछ मरीजों में सीने में जकड़न भी होती है। ये लक्षण काफी दिनों के लिए मौजूद हो सकते हैं या रुक रुक कर आ सकते हैं। सामान्य व्यक्तियों में, साँस बाहर निकालने के लिए समय साँस अन्दर लेने से कम होता है, जबकि अस्थमा से पीड़ित मरीज में, साँस बाहर निकालने का समय लंबा हो जाता है और कभी-कभी एक संगीत गुणवत्ता वाली आवाज़ आती है जिसे "व्हीज" या द घरघराहट कहा जाता है। हमारे वातावरण में कुछ पदार्थों के “संपर्क" से या "सेवन" के प्रतिक्रिया में फेफड़ों की सांस लेने और निकालने वाली नालियाँ अचानक संकीर्ण हो जाती हैं। जिसके कारण अस्थमा का अटैक होता है।

अस्थमा का कारण क्या है?

अस्थमा हमारे वातावरण में कुछ पदार्थों के प्रति हमारे शरीर की प्रतिक्रिया के अलावा और कुछ नहीं है। हम अपने वातावरण के पदार्थों पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं यह हमारे जीन पर निर्भर करता है। अस्थमा के हर मरीज इन पदार्थों के संपर्क में एक ही तरह प्रतिक्रिया नहीं करता है। कुछ पदार्थ किसी के लिए अधिक हानिकारक हो सकते हैं लेकिन दूसरों के लिए नहीं। एलर्जीनिक पदार्थ वे होते हैं जो हमारे शरीर के अंदर कुछ रसायनों की उत्पादन कराती जो फेफड़ों के अंदर श्वास नलियों की सूजन और बलगम उत्पादन को बढ़ाते हैं। संकीर्ण होने के कारण, श्वास नलिकाएं बाधित हो जाती हैं और मरीज के लिए सांस लेना मुश्किल होता है। हवा को फेफड़ों से बाहर आने में अधिक समय और कठिनाई होती है और इस वजह से शरीर को अधिक प्रयास करनी पड़ती है। यदि यह लंबे समय तक जारी रहता है, तो फेफड़ों में ऑक्सीजन की कमी होती है और यह थकान और बेहोशी का कारण बनता है जो बहुत खतरनाक हो सकता है।











क्या अस्थमा संक्रामक है? क्या यह एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है?

जैसा कि मैंने पहले ही उल्लेख किया था कि हमारा शरीर हमारे वातावरण में पदार्थों के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता है, यह एक व्यक्ति के आनुवंशिक मेकअप (जीन) पर निर्भर करता है। दूसरे शब्दों में, यह एलर्जी पैदा करने वाली एक आनुवांशिक बीमारी है। यदि परिवार के किसी सदस्य को अस्थमा है, तो उनके भाई- बहन या बच्चों को भी हो सकता है। लेकिन यह फ्लू या हैजा जैसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैल सकता।

अस्थमा के अलावा, एलर्जी के अन्य क्या प्रभाव हैं?


आंखों का अत्यधिक खुजली और लाल होना, नाक की खुजली, पानी बहना या अवरुद्ध, छींक आना, लाल होना, खुजली, खुश्की और त्वचा का लाल होना एलर्जी की कुछ अन्य अभिव्यक्तियाँ हैं। शायद ही कभी एलर्जी शरीर के एक हिस्से (विशेष रूप से होंठ और जीभ) को अचानक सुजाने या किसी को अचानक बेहोश करने का कारण बनती है। ये दो लक्षण खतरनाक होते हैं और इनमें तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।

क्या अस्थमा के निदान के लिए कोई परीक्षण हैं?


यद्यपि अस्थमा का निदान विशिष्ट लक्षणों के आधार पर किया जा सकता है, डॉक्टर शायद आपके या आपके बच्चे पर स्पाइरोमेट्री या पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट्स) नामका परीक्षण कर सकते हैं। इसमें मरीज को एक मशीन में सांस देना होता है, जो वायुप्रवाह को मापता है और यह पता लगाता है कि आपकी श्वास नलिकाएं बाधित हैं या नहीं। अगर मरीज के श्वास नलिकाएं बाधित हैं तो डॉक्टर कुछ इन्हेलर कश देने के बाद परीक्षण दोहरा सकते हैं ताकि यह पता चले की सुधार होता है या नहीं। कभी-कभी डॉक्टर रक्त परीक्षण और छाती के एक्स-रे और कुछ एलर्जी परीक्षणों भी करवा सकते हैं।



अस्थमा का इलाज कैसे किया जाता है?

डॉक्टर लक्षणों की आवृत्ति और उनकी गंभीरता के आधार पर अस्थमा के इलाज करते हैं। यदि लक्षण अक्सर हो रहे हैं या अचानक बिगड़ रहे हैं, बच्चे की दैनिक गतिविधियों या नींद परेशान कर रहे हैं, तो उपचार शुरू कर दिया जाएगा। डॉक्टर वे दवा देंगे जो इनहेलर के माध्यम से दी जा सकती हैं। इस मार्ग के माध्यम से बहुत कम मात्रा में दवा की आवश्यकता होती है, असर तेज होती है और साइड इफेक्ट्स भी कम होती हैं।दो प्रकार की दवाएं आमतौर पर दी जाती हैं- एक दवा जो लक्षणों से तुरंत राहत देती है और दूसरी जो आगे के लक्षणोंको रोकती है। आदर्श रूप से, दोनों को डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही लेना चाहिए। एक बार शुरू किए गए उपचार को डॉक्टर से परामर्श किए बिना अपने से ही नहीं रोकना चाहिए।उपचार को रोकना खतरनाक अस्थमा के हमलों को जन्म दे सकता है। यदि इस तरह के हमले होते हैं, तो डॉक्टर आपको कुछ दवाएँ लेने

और नजदीकी अस्पताल ले जाने की सलाह देंगे। अस्पताल में, ऑक्सीजन और नेबुलाइजेशन दिए जा सकते हैं और कुछ समय के लिए नसों के माध्यम से इंजेक्शन देना पड़ सकता है।





क्या अस्थमा के हमलों को रोका जा सकता है?

अस्थमा के हमलों को रोकने के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि हमला किस प्रदार्थ के संपर्क से होते हैं। धूल, तिलचट्टे, कॉकरोच, बिल्लियों और नम दीवारों पर कवक आम घरेलू चीजें हैं जिससे एलर्जी होती है । घर के बाहर पार्थेनियम, घास पराग, पेड़ पराग आम तौर पर एलर्जी करतें हैं। कुछ बच्चों को दूध, सोया, कोको, अंडा, नट्स, तरबूज, केला, खट्टे फल और समुद्री भोजन से एलर्जी हो सकती है। वायु प्रदूषण और तंबाकू के धुएं के संपर्क में आने से भी लक्षण बिगड़ सकते हैं। इसलिए अगर किसी को उपरोक्त में से कोई भी समस्या उस व्यक्ति को परेशान करती है तो इन सभी से बचना होगा। कुछ लोगों में अत्यधिक रोने या हँसी जैसे भावनात्मक प्रकोप और व्यायाम भी लक्षण पैदा कर सकते हैं और इसके बारे में जागरूक होना महत्वपूर्ण है।

अगली महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं को जारी रखें-पूरी तरह से इन्हेलर जो त्वरित राहत प्रदान करने और लक्षणों को रोकने के लिए भी उपयोग किया जाता है। इनहेलर्स का उपयोग करने के लिए सही निर्देशों और उचित तकनीक का पालन करना भी महत्वपूर्ण है। गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए इनहेलर्स अच्छे उपचार परिणाम नहीं देंगे। डॉक्टर से पर जांच करवाना भी जरूरी है कि क्या आप या आपका बच्चा इनहेलर का सही उपयोग कर रहे हैं? अधिकांश बच्चों के लिए, इन्हेलर का उपयोग स्पेसर उपकरण के साथ किया जाता है और छोटे बच्चों के लिए, दवाओं को ठीक से सेवन करने के लिए एक मास्क की भी आवश्यकता होती है।

क्या दमा का पूर्ण रूप में इलाज (क्योर) है?

अस्थमा को पूर्ण रूप में ठीक (क्योर) नहीं किया जा सकता है लेकिन इसका प्रभावी उपचार किया जा सकता है ताकि बच्चा लक्षणों से मुक्त जीवन जी सके। यह भी संभव है कि अस्थमा के लक्षण धीरे-धीरे कम हो जाएं और बच्चा वयस्क होने पर पूरी तरह से गायब हो सकता है। बहुमत में, लक्षणों को एलर्जी से बचने, इनहेलर दवाओं के समुचित उपयोग, साँस की दवाओं की खुराक को समायोजित करने, या उपचार योजना में कुछ दवाओं को जोड़ने के साथ नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आप अन्य एलर्जी विशेष रूप से नाक, साइनस या गैस की परेशानी भी है, तो डॉक्टर उनकी भी इलाज करेंगे। साथ ही, नियमित व्यायाम करने और संतुलित आहार लेकर अधिक वजन को रोकने से दमे में फायदा होगा। बहुत कम रोगियों में लक्षणों को नियंत्रित करना काफी मुश्किल हो सकता है और अधिक शक्तिशाली और नए उपचारों की आवश्यकता हो सकती है।

क्या तीन साल से छोटे बच्चों को अस्थमा हो सकता है?

छोटे बच्चों में वायरस के कारण सामान्य सर्दी या सीने में संक्रमण के बाद घरघराहट (व्हीज़) हो सकती है। अधिकांश 3 साल से छोटे बच्चों में घरघराहट के 1 या 2 एपिसोड होना आम है । लेकिन अगर उन्हें घरघराहट के बार-बार एपिसोड होते हैं या सर्दी होने पर ऐसा होता हैं, तो उन्हें डॉक्टर द्वारा मूल्यांकन किया जाना चाहिए। डॉक्टर वहीं दवाएं लिख सकते हैं जो अस्थमा में देटें हैं। इनमें से अधिकांश बच्चों को बाद में अस्थमा नहीं होता। अगर माता-पिता में से किसी एक या दोनों को एलर्जी या अस्थमा हैं बच्चे में एलर्जी के अन्य लक्षण भी मौजूद हों तो उनको बाद में अस्थमा हो सकता है। इसी तरह कुछ 3-6 साल के बच्चों में अक्सर घरघराहट हो सकती है, जिन्हें अस्थायी रूप से दवाओं की आवश्यकता होती है और अधिकांश में 6 साल तक दवाई रोक सकते हें। अगर किसी बच्चे को 6 साल के बाद भी घरघराहट होती है, तो उसे अस्थमा हो सकता है और लंबे समय तक इलाज की आवश्यकता हो सकती है।

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